Bhojan karne ke niyam | Eating rules in ayurveda | khana chabana | शरीर को स्वस्थ और सुडौल बनाने के लिए ऐसे करें भोजन

Bhojan karne ke niyam

आयुर्वेद में खाना खाने के कुछ नियम बताये गए हैं! इनका पालन करने से खाना सही तरीके से पचता है और हमारे शरीर में एनर्जी बनी रहती है! अगर हम सही तरीके से इन नियमों का पालन करते हैं, तो हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है और इसके साथ-साथ शरीर भी सुडौल बनता है! आइये जानते हैं इन नियमों के बारे में:-
Bhojan karne ke niyam

Khana khane ka tarika

सबसे पहला नियम यह है कि खाना हमेशा जमीन पर बैठ कर ही खाना चाहिए! खड़े-खड़े खाना कभी नहीं खाना चाहिए! जब हम भूमि पर बैठते हैं, तो हमारी नाभि गुरुत्वाकर्षण बल के सीधे संपर्क में होती है! जब गुरुत्वाकर्षण बल नाभि पर केंद्रित होता है, तो नाभि चार्ज होती है! नाभि के साथ जठर होता है , वह भी चार्ज हो जाता है! इसके साथ अग्नि बहुत तेज हो जाती है! इसलिए जमीन पर बैठकर (चौंकड़ी लगाकर) जब हम खाना कहते हैं, तब यह खाना बहुत जल्दी पचता है! इसलिए जमीन पर बैठ कर ही खाना खाना चाहिए! कुर्सी पर बैठ कर भी कभी खाना नहीं खाना! इससे गुरुत्वाकर्षण केंद्र बदल जाता है और खाना सही तरह से नहीं पच पाता!

Bhojan karne ke niyam

Khana chaba chabakar khane se kya hota hai

खाना खाने का दूसरा सबसे जरूरी नियम यह बताया गया है कि भोजन हमेशा चबाकर ही खाना चाहिए! हमारे मुंह में जितने दांत हों उतनी बार खाने को चबा कर खाना चाहिए! अर्थात व्यसक इंसान को भोजन 32 बार चबा कर ही खाना चाहिए! चबाकर खाने से भोजन मुंह की लार के साथ मिल जाता है और आसानी से पच जाता है! अगर हम चबाकर नहीं कहते हैं तो यह आसानी से नहीं पच पाता!

Bhojan karne ke niyam | Eating rules in ayurveda
अगर आपको यह जानकारी पसंद आयी हो तो अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ अवश्य साझा (share) करें! अगर किसी की कोई सलाह या संदेश हो तो इस आर्टिकल के अंत में कमेंट करके जरूर बताएं!

Comments