Pani peene wala
भारतीय ऋषि-मुनियों और वैज्ञानिकों ने पीने के पानी को कुछ वर्गों में बांटा गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया है कि कौन सा पानी पीने के लिए सर्वोत्तम है। तो आइये, पानी की इन किस्मों के बारे में जानते हैं।
बारिश का पानी
ऋषि मुनियों ने पीने के लिए सर्वोत्तम बारिश का पानी बताया है। बारिश के पानी की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। इसे पीने से पीलिया जैसी बीमारी नहीं होती।
नदियों का पानी
जो नदियां सीधे ग्लेशियर से आती हैं, उनके पानी को ऋषि मुनियों ने दूसरे स्थान पर बताया है। यह पानी भी पीने के लिए लाभदायक होता है। नदियों के बहते हुए पानी को धर्म ग्रंथो में भी साफ़ बताया गया है।
तालाबों का पानी
पानी की शुद्धता के आधार पर तीसरा स्थान तालाब के पानी को दिया गया है। इस पानी को भी ऋषि मुनियों ने पीने के लिए अच्छा बताया है।
जमीन के अंदर का पानी
इस कड़ी में चौथे स्थान पर जमीन के पानी को रखा गया है। इस पानी को हम आधुनिक समय में हैंडपंप या जमीन में बोर करके निकालते हैं। यह पानी भी पीने के लिए सर्वथा उचित बताया गया है। धरती बारिश के पानी को अपने आप में रीसाइकल करके रख लेती है। इसी पानी को हम बोर करके या हैंडपंप से निकालते हैं।
नगर निगम का पानी
अंतिम स्थान पर नगर निगम के पानी को रखा गया है। इस पानी को हमेशा उबाल कर ही पीना चाहिए। इस पानी में बहुत सी विशुद्धियाँ होती हैं जो उबाल कर निकल जाती हैं। फिर यह पानी पीने लायक बन जाता है।
किसी भी स्थिति में RO के पानी को नहीं पीना चाहिए । क्योंकि RO, पानी में से कुछ जरूरी तत्वों (कैल्शियम, सल्फर इत्यादि) को भी बाहर निकाल देता है। ये तत्व पानी के जरिये हमारे शरीर को मिलते हैं।





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