Arthritis ka gharelu upchar
आज हमारे देश में बहुत से लोग
गठिया की बीमारी से परेशान हैं। "Osteo Arthritis" और "Rheumatoid Arthritis" नामक दोनों प्रकार के गठिया रोग शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ने के कारण होते हैं। गठिया के रोग के मरी़ज की हालत इतनी बिगड़ जाती है कि उसके लिए हाथ-पैर हिलाना भी मुश्किल हो जाता है। Rheumatoid Arthritis में तो यह दर्द उंगलियों, कलाइयों, पैरों, टखनों, कूल्हों और कंधों तक को भी नहीं छोड़ता है।
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Gathiya rog ka ilaj
यह
बीमारी आमतौर पर 40 वर्ष की उम्र के बाद होती है, लेकिन यह कोई जरूरी नहीं है। ज्यादातर महिलाएं इस रोग की शिकार होती हैं। जब हमारे
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है, तो हमारी हड्डियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है। फिर धीरे-धीरे यह दर्द गठिया रोग या दूसरी भाषा में कहें तो "Arthritis" का रूप धारण कर लेता है।
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Arthritis ka ilaj
इस बीमारी के इलाज के लिए हम घर में ही आयुर्वेदिक तरीके से कुछ दवाइयां तैयार करके इस्तेमाल कर सकते हैं।
- दोनों तरह के गठिया के रोग की सबसे अच्छी दवाई है - चूना। जी हाँ, वही चूना जो आप पान में खाते हैं। चूने को एक गेंहू के दाने के बराबर लेकर इसे एक कप दहीं में मिलाकर सुबह खाली पेट खाना चाहिए। अगर दहीं नहीं है तो दाल में मिलाकर या फिर पानी में मिलाकर पीना चाहिए। इस दवाई को तीन महीने तक लगातार खाने से गठिया रोग ठीक हो जाता है। इसमें एक बात का ध्यान रखें कि पानी पीने के समय हमेशा बैठ कर और घूंट-घूंट करके ही पानी पीना चाहिए, नहीं तो यह बीमारी ठीक नहीं होगी।
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- दोनों तरह के गठिया के लिए एक और दवाई है, वो है छोटा मेथी दाना। एक कांच के गिलास में गर्म पानी लें और इसमें एक छोटा चम्मच मेथी का दाना डाल लें। अब इसे रात भर भिगो कर रखें। सुबह उठ कर इस पानी को बैठ कर घूंट-घूंट करके पी लें और मेथी के दाने को चबाकर खा लें। तीन महीने तक लगातार इस दवाई का प्रयोग करने पर गठिया रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है।
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